Ayurvedic Herbs

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की तासीर, फायदे, पहचान और सावधानियां — सरल हिंदी में।

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ब्राह्मी क्या है? ब्राह्मी और मंडूकपर्णी में अंतर — दो ‘याददाश्त वाली’ जड़ी-बूटियां जिन्हें लोग अक्सर एक समझ लेते हैं

ब्राह्मी (Bacopa monnieri) और मंडूकपर्णी (Centella asiatica, गोटू कोला) दो अलग पौधे हैं। ब्राह्मी के पत्ते छोटे, मोटे और तने पर जोड़े में लगते हैं…

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तुलसी के फायदे — तुलसी विवाह 2026 पर जानें आंगन के इस पौधे का आयुर्वेद, विज्ञान और सही इस्तेमाल

तुलसी की तासीर गर्म होती है; इसका रस तीखा-कड़वा है और यह कफ-वात को शांत करती है, इसलिए खांसी-ज़ुकाम के मौसम में ख़ास उपयोगी है। तुलसी विवाह 2026…

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शल्लकी क्या है? सलाई गुग्गुल की पूरी जानकारी — सर्दियों में जोड़ों की जकड़न पर आयुर्वेद और शोध क्या कहते हैं

शल्लकी (सलाई गुग्गुल, Boswellia serrata) सलाई पेड़ का सुगंधित गोंद है। इसकी तासीर ठंडी है और यह कफ-पित्त को शांत करती है। आयुर्वेद सदियों से इसे…

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आंवला नवमी 2026 (18 नवंबर) — आंवले के पेड़ की पूजा क्यों होती है और आयुर्वेद इसे ‘रसायनों में श्रेष्ठ’ क्यों मानता है

आंवला नवमी (अक्षय नवमी) 2026 में बुधवार, 18 नवंबर को है। यह कार्तिक शुक्ल नवमी को मनाई जाती है, जब आंवले के पेड़ की पूजा कर उसकी छाया में भोजन किया…

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पुनर्नवा के फायदे — नाम का अर्थ, गुण, तासीर और सावधानियां: वह पौधा जो ‘हर बार नया’ हो जाता है

पुनर्नवा (सांठी) वह पौधा है जो हर बारिश में फिर से हरा हो जाता है, इसीलिए इसका नाम 'पुनः नवा' है। इसकी तासीर गर्म है और यह कफ-वात को संतुलित करता…

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गिलोय क्या है? असली गिलोय की पहचान के 6 तरीके — नकली बेल से कैसे बचें

गिलोय (गुडूची, Tinospora cordifolia) एक बेल है जिसे आयुर्वेद 'अमृता' कहता है; इसकी तासीर गर्म है और यह त्रिदोषशामक मानी जाती है। असली गिलोय के पत्ते…

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त्रिफला क्या है? रस, गुण, वीर्य और तासीर — तीन फलों का वह मेल जिसे आयुर्वेद ‘घर का वैद्य’ मानता है

त्रिफला तीन फलों — हरड़, बहेड़ा और आंवला — का संतुलित मिश्रण है। इसमें नमक को छोड़कर पांचों रस हैं, कसैलापन प्रमुख है और इसकी तासीर लगभग संतुलित…

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मुलेठी के फायदे और तासीर — गले की खराश में ‘मीठी जड़’ कितनी कारगर है और किसे इससे बचना चाहिए

मुलेठी की तासीर ठंडी (शीत) होती है। यह मीठी, चिकनी जड़ वात और पित्त को शांत करती है और गले की खराश, सूखी खांसी व पेट की जलन में पारंपरिक रूप से…

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अडूसा (वासा) के फायदे — स्मॉग, खांसी और बलगम के मौसम की ‘सांस वाली’ जड़ी-बूटी

अडूसा (वासा) एक कड़वी, ठंडी तासीर वाली जड़ी-बूटी है जो कफ और पित्त को शांत करती है। आयुर्वेद में इसे खांसी की प्रमुख औषधि माना गया है; इसका वैसिसिन…

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हल्दी के फायदे और तासीर — सर्दियों में हल्दी गर्म है या ठंडी? सही मात्रा, तरीका और 7 सावधानियां

हल्दी की तासीर गर्म (उष्ण) होती है। यह कफ और वात को शांत करती है, इसलिए सर्दियों में सबसे उपयुक्त है। खाने में रोज़ 1–3 ग्राम हल्दी अधिकांश वयस्कों…

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