Seasonal Health

आँखें आना (आई फ्लू): लक्षण और संक्रमण से बचाव

आँखें आना (आई फ्लू): लक्षण और संक्रमण से बचाव

Medically reviewed by Dr. Santosh Sinha

आँख आना? लाल आँखें, चिपचिपा पानी और सूजन। लक्षण पहचानें, बचाव शुरू करें और घबराएं नहीं।

Save karke baad mein padhein. Aapke liye pura plan neeche hai.

लेखक का नज़रिया: जब भी आई फ्लू फैलता है, मैं देखता हूँ कि लोग घबराकर कुछ भी आँख में डाल लेते हैं: दवा की दुकान से बिना पर्ची के ड्रॉप, घरेलू पाउडर, या किसी पड़ोसी की बताई चीज़। मेरा साफ मानना है कि आँख बहुत नाज़ुक अंग है और उसके साथ प्रयोग नहीं करना चाहिए। इस लेख में मैं आपको लक्षण पहचानना और संक्रमण से बचना सिखाऊँगा। कोई उत्पाद नहीं बेचूँगा, क्योंकि आँख के संक्रमण में डॉक्टर की सलाह ही सबसे भरोसेमंद रास्ता है।

आँख आना या आई फ्लू क्या है?

आँख आना, जिसे आई फ्लू, पिंक आई या कंजंक्टिवाइटिस भी कहते हैं, आँख की एक पतली, पारदर्शी परत (कंजंक्टिवा) की सूजन है। यह परत आँख के सफेद हिस्से और पलकों के अंदर की सतह को ढकती है। सूजन होने पर इसकी बारीक खून की नलियाँ फैल जाती हैं, इसलिए आँख लाल या गुलाबी दिखती है।

इसके तीन मुख्य कारण होते हैं:

  • वायरल: सबसे आम, खासकर जब शहर में आई फ्लू फैलता है। बहुत तेज़ी से फैलता है।
  • बैक्टीरियल: यह भी फैलता है, और अक्सर गाढ़ा कीचड़ आता है।
  • एलर्जी वाला: धूल, परागकण, प्रदूषण या धुएँ से। यह एक से दूसरे में नहीं फैलता।

आँख आने के मुख्य लक्षण

  • एक या दोनों आँखों में लालिमा
  • आँखों से लगातार पानी आना
  • खुजली या जलन
  • आँख में किरकिरापन, जैसे रेत चली गई हो
  • कीचड़ आना, जो पानी जैसा, चिपचिपा या गाढ़ा पीला-हरा हो सकता है
  • सुबह उठने पर पलकें चिपक जाना
  • पलकों में सूजन
  • तेज़ रोशनी में हल्की असहजता

अक्सर लक्षण पहले एक आँख में शुरू होते हैं और एक-दो दिन में दूसरी आँख तक पहुँच जाते हैं।

कौन सा प्रकार कैसा दिखता है?

वायरल: पानी जैसा स्राव, हल्की खुजली, कभी-कभी साथ में सर्दी-ज़ुकाम या गले में खराश, और कान के पास गिल्टी।

बैक्टीरियल: गाढ़ा, पीला या हरा कीचड़, सुबह पलकें चिपकी हुई।

एलर्जी: तेज़ खुजली, दोनों आँखें एक साथ, साथ में छींक और नाक बहना।

ये सामान्य पैटर्न हैं, पक्के नियम नहीं। सही प्रकार की पहचान डॉक्टर ही कर सकते हैं।

लक्षण कितने दिन रहते हैं?

  • वायरल आई फ्लू अक्सर एक से दो हफ्ते में ठीक हो जाता है।
  • बैक्टीरियल आई फ्लू डॉक्टर की बताई दवा से कुछ दिनों में सुधरने लगता है।
  • एलर्जी वाला तब तक रहता है, जब तक कारण (धूल, धुआँ) से संपर्क बना रहे।

आँख आना कैसे फैलता है?

  • संक्रमित व्यक्ति की आँख छूकर फिर अपनी आँख छूना
  • तौलिया, तकिया, रूमाल या मेकअप साझा करना
  • दरवाज़े के हैंडल, मोबाइल, रिमोट जैसी चीज़ों को छूकर आँख मलना
  • भीड़ वाली जगहें, जैसे बाज़ार, दफ्तर, बस-मेट्रो

त्योहारों के मौसम में बाज़ारों की भीड़ और नमी वाला मौसम इसे और तेज़ी से फैलाते हैं।

संक्रमण से बचाव के 8 तरीके

  1. बार-बार हाथ धोएँ: साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड।
  2. आँखें न मलें: खुजली हो तब भी।
  3. अपना तौलिया अलग रखें: और रोज़ गर्म पानी में धोएँ।
  4. तकिये का कवर बदलें: रोज़ या हर दूसरे दिन।
  5. मोबाइल और चश्मा साफ करें: ये बार-बार चेहरे के पास आते हैं।
  6. कॉन्टैक्ट लेंस बंद करें: जब तक आँख पूरी तरह ठीक न हो जाए।
  7. आँख का मेकअप साझा न करें: और संक्रमण के दौरान इस्तेमाल किया मेकअप फेंक दें।
  8. भीड़ से दूरी: लक्षण रहने तक भीड़ वाली जगहों और दफ्तर जाने से बचें।

घर पर सुरक्षित देखभाल

  • साफ, गुनगुने पानी में भिगोई रुई से कीचड़ धीरे से साफ करें। हर आँख के लिए अलग रुई और एक बार इस्तेमाल के बाद फेंक दें।
  • ठंडी सिकाई से खुजली और सूजन में आराम मिल सकता है।
  • स्क्रीन का समय कम करें और आँखों को आराम दें।
  • तेज़ धूप में धूप का चश्मा पहनें।
  • भरपूर पानी पिएँ और पूरी नींद लें।

क्या बिल्कुल न करें

  • बिना डॉक्टर की पर्ची के कोई भी आई ड्रॉप, खासकर स्टेरॉयड वाले ड्रॉप, न डालें। इनसे कुछ संक्रमण बिगड़ सकते हैं और आँख का प्रेशर बढ़ सकता है।
  • आँख में त्रिफला, कोई जड़ी-बूटी का पाउडर, कैप्सूल का पाउडर, शहद, दूध या कोई घरेलू मिश्रण न डालें।
  • किसी और के आई ड्रॉप इस्तेमाल न करें।
  • आँख पर कसकर पट्टी न बाँधें।

डॉक्टर को कब दिखाएँ?

इनमें से कोई भी लक्षण हो, तो एक से दो दिन के अंदर आँख के डॉक्टर से मिलें:

  • आँख में दर्द (सिर्फ जलन नहीं)
  • धुंधला दिखना या नज़र में बदलाव
  • रोशनी से तेज़ परेशानी
  • गाढ़ा कीचड़ जो बार-बार आए
  • कुछ दिनों में लक्षण बिगड़ें या एक हफ्ते में सुधार न हो
  • डायबिटीज़ या कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता
  • कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों में लाल और दर्द वाली आँख

चोट, केमिकल गिरना या अचानक नज़र जाना इमरजेंसी है, तुरंत अस्पताल जाएँ।

Aur padhein

Official jaankari: NHS: Conjunctivitis (eye infection)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या किसी की आँख में देखने से आई फ्लू हो जाता है?

नहीं। यह हाथों, स्राव और साझा चीज़ों के संपर्क से फैलता है, देखने से नहीं।

क्या आई फ्लू खतरनाक है?

ज़्यादातर मामले हल्के होते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन दर्द, नज़र में बदलाव या रोशनी से परेशानी को गंभीरता से लें।

क्या एक बार होने के बाद दोबारा हो सकता है?

हाँ, अलग वायरस या बैक्टीरिया से दोबारा हो सकता है। इसलिए साफ-सफाई की आदत बनाए रखें।

घर में किसी एक को आई फ्लू हो, तो बाकी लोग क्या करें?

संक्रमित व्यक्ति का तौलिया, तकिया और बर्तन अलग रखें, दरवाज़े के हैंडल और रिमोट जैसी चीज़ें दिन में एक-दो बार साफ करें, और सभी सदस्य बार-बार हाथ धोएँ। इससे संक्रमण पूरे परिवार में फैलने का खतरा काफी कम हो जाता है।

निष्कर्ष

लाल आँखें, पानी, खुजली और कीचड़ आँख आने के आम लक्षण हैं। हाथ साफ रखें, तौलिया अलग रखें और आँख में बिना डॉक्टर की सलाह के कुछ भी न डालें। दर्द, धुंधलापन या रोशनी से परेशानी हो, तो देर न करें।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सा सलाह नहीं है। आँख के किसी भी संक्रमण में नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। यह लेख वयस्कों के लिए है; बच्चों के लिए बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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