Medically reviewed by Dr. Santosh Sinha
कई लोग कहते हैं कि खाना खाते हैं, फिर भी वज़न नहीं बढ़ता। कुछ लोगों में पतलापन जेनेटिक्स या जीवनशैली से होता है, और कुछ में किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इस लेख में हम समझेंगे कि वज़न क्यों नहीं बढ़ता, सेहतमंद वज़न बढ़ाने के तरीके क्या हैं, और कब जांच ज़रूरी है।
वज़न कम क्यों होता है?
- भूख कम लगना, या पाचन कमज़ोर होना।
- बहुत ज़्यादा चलना या व्यायाम, जो कैलोरी जला देता है।
- तनाव और नींद की कमी।
- कुछ बीमारियां, जैसे थायरॉइड, डायबिटीज़ या TB, जिनमें वज़न बिना वजह घटता है।
- कमज़ोर पोषण, खासकर प्रोटीन और हेल्दी फैट की कमी।
- पेट के कीड़े या पाचन की समस्या।
अगर वज़न बिना कोशिश के घट रहा है, तो डॉक्टर से जांच करवाना ज़रूरी है।
आयुर्वेद की दृष्टि
आयुर्वेद में कम वज़न को अक्सर अग्नि (पाचन शक्ति) की कमी और धातु की कमी से जोड़कर देखा जाता है। पारंपरिक रूप से सर्दी को “बृंहण” का मौसम माना गया है, यानी सेहत बढ़ाने का समय, क्योंकि इस मौसम में अग्नि प्रबल होती है। अश्वगंधा, शतावरी और पिप्पली जैसी जड़ी-बूटियों का पारंपरिक उपयोग वज़न और शक्ति के लिए होता आया है। यह एक पारंपरिक दृष्टि है, और सेहतमंद वज़न बढ़ाने के लिए सही आहार और आराम की ज़रूरत है।
सेहतमंद वज़न बढ़ाने के तरीके
- दिन में 4 से 5 बार थोड़ा-थोड़ा खाएं: भरी थाली की जगह छोटे-छोटे अंतराल में।
- घी और दालों का सही उपयोग: रोटी पर घी, दाल में घी का तड़का। पर ज़्यादा तला हुआ खाना नहीं।
- प्रोटीन: दाल, पनीर, दही, अंडा (अगर खाते हैं), स्प्राउट्स और मूंगफली।
- सूखे मेवे: बादाम, अखरोट, खजूर और किशमिश, रोज़ एक मुट्ठी।
- हल्का व्यायाम: स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या योग, ताकि मांसपेशियां बनें।
- सोने का समय: 7 से 8 घंटे की नींद शरीर को मज़बूत बनाती है।
- नाश्ता न छोड़ें: सुबह का नाश्ता सबसे ज़रूरी है, खासकर सर्दी में।
एक ज़रूरी बात: वज़न तेज़ी से बढ़ाने के “चमत्कारी” दवाइयों के वादों पर भरोसा न करें। कई बार ऐसे उत्पादों में स्टेरॉइड जैसी हानिकारक चीज़ें मिली हैं। वज़न धीरे-धीरे और सेहत के साथ बढ़ना ही सही है।
स्टोर का उत्पाद: Weight Gain Capsules
स्टोर के Weight Gain Capsules में अश्वगंधा, शतावरी, पिप्पली और आंवला जैसी जड़ी-बूटियां हैं, जो सेहतमंद वज़न और भूख के लिए बताई गई हैं। यह सेहतमंद आहार और व्यायाम के साथ सहायक हो सकते हैं। लेकिन ये किसी भी तरह से “किलो के वादे” या तय समय में वज़न बढ़ाने की गारंटी नहीं देते। उत्पाद लेने से पहले लेबल पढ़ें, और डॉक्टर से पूछें, खासकर अगर आप कोई दवा ले रहे हैं।
डॉक्टर को कब दिखाएं
- वज़न बिना वजह लगातार घट रहा हो।
- भूख बिल्कुल खत्म हो, या निगलने में दिक्कत हो।
- बुखार, रात को पसीना, या लंबी खांसी।
- मल में खून, या पेट में लगातार दर्द।
- बहुत ज़्यादा थकान और कमज़ोरी।
- महिलाओं में पीरियड्स अनियमित होना या बिल्कुल बंद होना।
डॉक्टर थायरॉइड, ब्लड शुगर, CBC और दूसरी जांचें करवा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अश्वगंधा से वज़न बढ़ता है?
कुछ लोगों में अश्वगंधा शरीर की शक्ति और भूख पर सहायक हो सकती है। लेकिन इसे सिर्फ सहायक के रूप में देखें, और किसी गारंटी की उम्मीद न रखें।
क्या वज़न बढ़ाने के लिए दूध ज़रूरी है?
दूध एक अच्छा स्रोत है, लेकिन ज़रूरी नहीं। दही, पनीर और दाल भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।
कितने समय में सुधार दिखेगा?
हर व्यक्ति अलग होता है। आम तौर पर कुछ हफ्तों से महीनों लगते हैं, और सेहतमंद तरीके से ही बढ़ता है।
वज़न बढ़ाने में आम गलतियां
सेहतमंद वज़न बढ़ाने की कोशिश में लोग अक्सर कुछ गलतियां कर बैठते हैं।
- सिर्फ़ मीठा, तला-भुना या पैकेट वाला खाना बढ़ाना। इससे वज़न तो बढ़ सकता है, पर पेट के आसपास चर्बी जमती है और पाचन बिगड़ सकता है।
- भूख न होने पर भी ज़बरदस्ती बहुत ज़्यादा खा लेना। इससे गैस और भारीपन हो सकता है।
- नींद और आराम को नज़रअंदाज़ करना, जबकि शरीर आराम के दौरान ही मरम्मत करता है।
- एक-दो हफ्ते में फ़र्क न दिखने पर तरीका बदल देना। सेहतमंद ढंग से वज़न धीरे-धीरे ही बढ़ता है।
- बिना जांच और सलाह के पाउडर या सप्लीमेंट शुरू कर देना।
एक दिन की सरल दिनचर्या का उदाहरण
नीचे दिया गया खाका सिर्फ़ एक सामान्य उदाहरण है। अपनी भूख, पसंद और स्वास्थ्य के हिसाब से इसे बदला जा सकता है।
- सुबह: गुनगुना पानी, फिर दूध या दही के साथ भीगे हुए बादाम या कोई फल।
- नाश्ता: दलिया, पोहा, उपमा या परांठा, साथ में दही।
- दोपहर: रोटी या चावल, दाल, सब्ज़ी और थोड़ा घी।
- शाम: फल, मुट्ठी भर मेवे या घर का बना कोई हल्का स्नैक।
- रात: समय पर और हल्का खाना। रोज़ थोड़ी सैर और 7-8 घंटे की नींद।
अगर आपको कोई बीमारी, एलर्जी या नियमित दवा है, तो खान-पान में बदलाव से पहले डॉक्टर या डायटीशियन से पूछ लें।
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भरोसेमंद स्रोत (अंग्रेज़ी में): NHS: Healthy ways to gain weight
आखिरी बात
पतलापन कई लोगों की समस्या है, और सही आहार, नींद, व्यायाम और सर्दी के मौसम का इस्तेमाल करके सेहतमंद वज़न बढ़ाया जा सकता है। लेकिन अगर वज़न बिना वजह घट रहा है, तो पहले जांच करवाएं।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। वज़न घटने के साथ बुखार, खून या लगातार कमज़ोरी हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
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