Lifestyle & Metabolic Health

हाई कोलेस्ट्रॉल: लिपिड प्रोफ़ाइल का आयुर्वेदिक सहारा

हाई कोलेस्ट्रॉल: लिपिड प्रोफ़ाइल का आयुर्वेदिक सहारा

Medically reviewed by Dr. Santosh Sinha

दिवाली की मिठाई, घी वाली मिठाई, नमकीन और कम चलना, ये सब मिलकर कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकते हैं। कई लोगों को पता ही नहीं चलता, क्योंकि यह अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाता। इस लेख में हम समझेंगे कि कोलेस्ट्रॉल क्यों बढ़ता है, लिपिड प्रोफ़ाइल की रिपोर्ट कैसे पढ़ें, और रोज़ की आदतों से क्या फर्क पड़ता है।

कोलेस्ट्रॉल क्या है?

कोलेस्ट्रॉल एक चर्बीनुमा पदार्थ है जो शरीर की कोशिकाओं के लिए ज़रूरी है। समस्या तब होती है जब LDL (बुरा कोलेस्ट्रॉल) ज़्यादा हो जाता है, या ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ जाते हैं। HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) का बढ़ना बेहतर माना जाता है। लिपिड प्रोफ़ाइल टेस्ट से इन सबका पता चलता है।

कोलेस्ट्रॉल क्यों बढ़ता है?

  • घी, मक्खन और तली हुई चीज़ें ज़्यादा खाना।
  • मिठाई और मीठा, जो ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाते हैं।
  • शरीर का कम हिलना और मोटापा।
  • परिवार में किसी को कोलेस्ट्रॉल की समस्या होना (जेनेटिक्स)।
  • शराब और तंबाकू।
  • थायरॉइड की कमी, जो कई बार कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती है।
  • उम्र के साथ बदलाव।

त्योहारी मौसम में ये सब एक साथ होते हैं, इसलिए जांच करवाना समझदारी है।

आयुर्वेद की दृष्टि

आयुर्वेद में कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्या को अक्सर मेद धातु और कफ दोष के बढ़ने से जोड़कर देखा जाता है। पारंपरिक रूप से हल्का आहार, व्यायाम और सही पाचन पर ज़ोर दिया जाता है। अर्जुन, गुग्गुलु और अलसी (flaxseed) जैसी जड़ी-बूटियों का पारंपरिक उपयोग होता आया है, लेकिन इनका वैज्ञानिक प्रमाण सीमित है। यह एक पारंपरिक दृष्टि है, और कोलेस्ट्रॉल कम करने का कोई पक्का इलाज बताया नहीं जा सकता।

खाने में क्या बदलें

  1. घी और तेल कम करें: एक दिन में सही मात्रा में, और तली चीज़ें कम।
  2. फाइबर ज़्यादा लें: जई, अजवाइन, सब्ज़ियां, दालें और साबुत अनाज।
  3. सूखे मेवे: बादाम और अखरोट एक मुट्ठी, बिना नमक वाले।
  4. मिठाई का संतुलन: त्योहारी मिठाई कम और छोटे टुकड़े।
  5. फल और सब्ज़ियां: रोज़ के खाने में रंग।
  6. नमकीन कम: पैकेटबंद नमकीन से दूर रहें।
  7. अलसी: पिसा हुआ अलसी सलाद या दही में। एक चम्मच से शुरुआत करें।

रोज़ की आदतें

  • रोज़ 30 मिनट की तेज़ सैर।
  • वज़न पर ध्यान, धीरे-धीरे।
  • नींद का समय तय।
  • तनाव कम, और सही सांस का अभ्यास।
  • सिगरेट और शराब से दूरी।

स्टोर के उत्पाद: सहायक सहारा

स्टोर के Flax Seed Capsules प्लांट-बेस्ड ओमेगा-3 के लिए बताए गए हैं, और Premium Hibiscus Flower Tea को हल्का और बिना कैफीन वाला विकल्प माना जाता है। इनमें से कोई भी कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा होने का दावा नहीं करता। अगर आप दूसरी कोलेस्ट्रॉल की दवा ले रहे हैं, तो इन्हें शुरू करने से पहले डॉक्टर से ज़रूर पूछें। Hibiscus BP की दवा के असर को बढ़ा सकता है, इसलिए BP की दवा लेने वाले लोग सावधान रहें।

Statin के बारे में एक ज़रूरी बात

अगर डॉक्टर ने statin या दूसरी दवा दी है, तो उसे अपनी मर्ज़ी से बंद न करें। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों को statin का विकल्प न समझें। दवा के साथ कोई भी जड़ी-बूटी शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछें।

डॉक्टर से कब मिलें

  • लिपिड प्रोफ़ाइल में LDL या ट्राइग्लिसराइड्स बहुत ज़्यादा आएं।
  • परिवार में किसी को कम उम्र में हार्ट अटैक या स्ट्रोक हुआ हो।
  • सीने में दबाव, सांस फूलना, या चलने पर दर्द।
  • डायबिटीज़ या BP भी हो।
  • दवा के बाद भी सुधार न दिखे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कोलेस्ट्रॉल का पक्का इलाज है?

घर पर आदतों से कोलेस्ट्रॉल काफी काबू में आ सकता है, लेकिन पक्के इलाज का वादा नहीं किया जा सकता। डॉक्टर की सलाह से प्रबंधन सही रास्ता है।

क्या घी से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है?

ज़्यादा घी से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, लेकिन सही मात्रा में घी सबके लिए बड़ी समस्या नहीं। मात्रा का ध्यान रखें।

क्या लिपिड प्रोफ़ाइल के लिए खाली पेट जाना होता है?

डॉक्टर अक्सर 9 से 12 घंटे के उपवास के लिए कहते हैं। यह टेस्ट के प्रकार पर निर्भर करता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह लें।

लिपिड प्रोफ़ाइल रिपोर्ट कैसे पढ़ें

रिपोर्ट में आम तौर पर टोटल कोलेस्ट्रॉल, LDL (जिसे “बुरा” कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है), HDL (“अच्छा”) और ट्राइग्लिसराइड दिखते हैं।

सबके लिए “सामान्य” का एक ही आंकड़ा नहीं होता। लक्ष्य इस पर निर्भर करता है कि आपको डायबिटीज़, हाई बीपी, पारिवारिक इतिहास या धूम्रपान जैसे जोखिम हैं या नहीं। इसलिए रिपोर्ट अपने डॉक्टर को दिखाकर ही अपना लक्ष्य समझें। जांच से पहले खाली पेट रहने की ज़रूरत है या नहीं, यह लैब या डॉक्टर के निर्देश के अनुसार तय होता है।

जीवनशैली में असरदार बदलाव

कोलेस्ट्रॉल को संभालने में रोज़ की आदतों की बड़ी भूमिका होती है।

  • तला-भुना, बेकरी का सामान और पैकेट वाला खाना कम करें।
  • ओट्स, दालें, फल, सब्ज़ियां और थोड़ी मात्रा में मेवे बढ़ाएं।
  • रोज़ करीब 30 मिनट तेज़ चाल से चलें।
  • वज़न नियंत्रित रखें, धूम्रपान छोड़ें और शराब कम करें।

अगर डॉक्टर ने दवा दी है, तो जीवनशैली के बदलाव उसके साथ मिलकर काम करते हैं। दवा अपने आप बंद न करें।

यह भी पढ़ें

भरोसेमंद स्रोत (अंग्रेज़ी में): NHS: High cholesterol

आखिरी बात

कोलेस्ट्रॉल ऐसी समस्या है जो चुपचाप बढ़ती है। खाने में सुधार, रोज़ की सैर और नियमित जांच से काफी फर्क पड़ता है। आयुर्वेदिक दृष्टि आहार और संतुलन पर ज़ोर देती है, और दवा के साथ यह अच्छा सहारा बन सकता है।

यह लेख केवल जानकारी के लिए है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। Statin या दूसरी दवा अपनी मर्ज़ी से न रोकें। सीने में दर्द या सांस फूलने पर तुरंत इमरजेंसी में जाएं।

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